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May 9, 2014

चाणक्य ने बताया है कौन से काम करने पर अचानक हो सकती है मौत

उज्जैन। किसी भी व्यक्ति की मृत्यु का दिन और समय मालूम कर पाना असंभव है। शास्त्रों के अनुसार मृत्यु का समय उसी दिन निर्धारित हो जाता है, जब किसी व्यक्ति का जन्म होता है। कुछ लोगों की मृत्यु अचानक ही हो जाती है। इस संबंध में आचार्य चाणक्य ने कुछ काम ऐसे बताए हैं, जिनसे किसी व्यक्ति की मृत्यु जल्दी हो सकती है या अचानक हो सकती है। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि- आत्पद्वेषाद् भवेन्मृत्यु: परद्वेषाद् धनक्षय:। राजद्वेषाद् भवेन्नाशो ब्रह्मद्वेषाद कुलक्षय:।। इस श्लोक में आचार्य ने बताया है कि व्यक्ति को हमेशा ऐसे कामों से बचना चाहिए, जिनसे मृत्यु का संकट खड़ा हो सकता है। चाणक्य के अनुसार हमें कभी भी किसी राजा या शासन-प्रशासन से बैर नहीं करना चाहिए। जो लोग शासन से विरोध करते हैं, उनके प्राण संकट में आ सकते हैं। जिस पल किसी राजा का विरोध किया जाता है, उसी पल व्यक्ति के जीवन पर संकट आ जाता है। आज के समय में किसी बड़े अधिकारी या बड़े व्यक्ति से दुश्मनी होना निश्चित ही परेशानियों का कारण बन सकता है। जब तक हम मजबूत स्थिति में न हो, इन लोगों से बैर नहीं लेना चाहिए। सही समय की प्रतीक्षा करना चाहिए।

मरने के कितने दिनों बाद आत्मा पहुंचती है यमलोक, क्या होता है रास्ते में?

उज्जैन। मृत्यु एक ऐसा सच है जिसे कोई भी झुठला नहीं सकता। हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद स्वर्ग-नरक की मान्यता है। पुराणों के अनुसार जो मनुष्य अच्छे कर्म करता है, उसके प्राण हरने देवदूत आते हैं और उसे स्वर्ग ले जाते हैं, जबकि जो मनुष्य जीवन भर बुरे कामों में लगा रहता है, उसके प्राण हरने यमदूत आते हैं और उसे नरक ले जाते हैं, लेकिन उसके पहले उस जीवात्मा को यमलोक ले जाया जाता है, जहां यमराज उसके पापों के आधार पर उसे सजा देते हैं। मृत्यु के बाद जीवात्मा यमलोक तक किस प्रकार जाती है। इसका विस्तृत वर्णन गरुड़ पुराण में है। गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है कि किस प्रकार मनुष्य के प्राण निकलते हैं और किस तरह वह प्राण पिंडदान प्राप्त कर प्रेत का रूप लेते हैं। जानिए यमदूत किस प्रकार किसी मनुष्य के प्राण निकालते हैं और उसे किस प्रकार यातना देते हुए यमलोक तक ले जाते हैं- - गरुड़ पुराण के अनुसार जिस मनुष्य की मृत्यु होने वाली होती है, वह बोलने की इच्छा होने पर भी बोल नहीं पाता है। अंत समय में उसमें दिव्यदृष्टि उत्पन्न होती है और वह संपूर्ण संसार को एकरूप समझने लगता है। उसकी सभी इंद्रियां नष्ट हो जाती हैं और वह जड़ अवस्था में हो जाता है, यानी हिलने-डुलने में असमर्थ हो जाता है। इसके बाद उसके मुंह से झाग निकलने लगते हैं और लार टपकने लगती है। पापी पुरुष के प्राण नीचे के मार्ग से निकलते हैं।

कांग्रेसी ने दिखाया हाथ तो होमगार्ड के हवलदार ने निकाली हवा

रोहतक। डीसी आवास के सामने मंगलवार दोपहर को एक कार पार्क करने पर खूब हंगामा हुआ। हुआ यूं कि खुद को कांग्रेसी दिखाने वाले एक नेताजी ने नो एंट्री जोन में अपनी कार खड़ी कर दी। वहां ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के हवलदार ने नो पार्किंग जोन बताते हुए वहां कार पार्क करने से मना किया। इस पर पहले दोनों में तूं-तड़ाक हुई और फिर कार मालिक ने होमगार्ड के हवलदार को धक्का देकर दूर धकेल दिया। इसके बाद कार स्टार्ट छोड़कर लघु सचिवालय चला गया। इसके बाद होमगार्ड के हवलदार विजेंद्र ने कार के अगले पहिए की हवा निकाल दी और पास ही खड़ा हो गया। वापस आने पर कार मालिक ने टायर की हवा निकली देखी तो आग बबूला होकर भला बुरा कहने लगा। काफी तमाशबीन इक्ट्ठा होने की वजह से कार मालिक ने वहां से जाना ही ठीक समझा। जब लैटकर आया तो आग बबूला हो गया कार मालिक ने जब कार के टायर की हवा निकली देखी तो आग बबूला हो गया, लेकिन काफी लोग वहां एकत्र हो गए तो उसने वहां से खिसकने में ही भलाई समझी।

कत्ल के इल्ज़ाम में तिहाड़ में बंद कैदी को, सालाना 4.20 लाख का पैकेज...

ऐसे वक्त में जब दुनियाभर की तमाम कंपनियां आर्थिक मंदी से जूझ रही हैं, तिहाड़ में सज़ा काट रहे राजू पराशरण को 35,000 महीने की तनख्वाह पर ताजमहल होटल ग्रुप ने अपने यहां नौकरी पर रखा है। राजू पराशरण 8 साल पहले कत्ल के इल्जाम में तिहाड़ पहुंचे थे। तिहाड़ में रहते हुए उन्होने अपनी पढ़ाई पूरी की। राजू के अच्छे व्यवहार को देखते हुए उनकी सज़ा भी कम कर दी गई साथ ही उन्हें तिहाड़ के सालाना जॉब प्लेसमेंट में शिरकत करने का मौका भी दिया गया।

 

राजू की ही तरह और दूसरे 66 कैदियों को भी इस सालाना प्लेसमेंट में नौकरी मिली है, उनकी योग्यता के हिसाब से. वेदांता, ताजमहल जैसी 31 बड़ी कंपनियां इस प्लेसमेंट में पहुंची थी। ज्यादातार उन्हीं कैदियों को नौकरियां दी गई हैं, जिनकी सज़ा खत्म होने ही वाली है और जिन्होने जेल में रहते हुए अच्छे आचरण का परिचय दिया।

 

तिहाड़ की डीजी विमला मेहरा ने कैदियों को आनेवाली जिंदगियों के लिए बधाई दी साथ ही ये भी कहा कि आगे भी इस तरह के प्रोग्राम्स तिहाड़ में लांच किए जाएंगे जिससे कैदियों के जीवन की गुणवत्ता बढ़े ।

पुत्र ने किया पिता का कत्ल, मोबाइल से कर रहा था लड़की को ब्लैकमेल

राबोडी पुलिस ने पिता की हत्या के आरोप में पुत्र को गिरफ्तार किया है। वह पिता के मोबाइल फोन के जरिए पूर्व प्रेमिका को ब्लैकमेल कर रहा था। पिता द्वारा इस बात पर नाराजगी जताए जाने पर पुत्र ने उनकी हत्या कर दी।  पुलिस सूत्रों के अनुसार कैसल मिल इलाके की रुणवाल सोसाइटी में रहने वाले 70 वर्षीय दत्ताराम सालसकर की हत्या कर दी गई है।

 

उनका पुत्र शैलेश अपनी पूर्व प्रेमिका को ब्लैकमेल कर रहा था। वह उसकी अश्लील तस्वीरें इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर चार लाख रुपए मांग रहा था। लड़की ने शैलेश को डेढ़ लाख रुपए  दे भी दिए थे।

 

लेकिन वह शेष पैसों के लिए उसे धमका रहा था। लड़की ने राबोडी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत की। पुलिस जांच में पता चला कि जिस सिम से लड़की को ब्लैकमेल किया जा रहा था ,वह दत्ताराम का था।  पुलिस ने दत्ताराम से इस मामले में पूछताछ की। 

 

तब दत्ताराम को बेटे की हरकत का पता चला । दत्ताराम ने शैलेश से इस बारे में पूछा। इससे नाराज शैलेश ने देर रात पिता पर हमला कर दिया। 

 

पुलिस ने शैलेश पर पूर्व प्रेमिका को ब्लैकमेल करने व पिता की हत्या करने  का मामला दर्ज कर लिया है । ब्लैकमेलिंग के मामले में कोर्ट में पेशी के बाद शैलेश को 9 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। शैलेश पेशे से कम्प्यूटर इंजीनियर है। कुछ समय पहले तक वह दुबई में नौकरी कर रहा था।