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Dec 13, 2013

अब हर तरफ रहेगी पुलिस नजर

रोहतक। अब पीसीआर और राइडर पर तैनात पुलिसकर्मी स्कूल, कॉलेज, पार्क और बैंक सहित शिक्षण संस्थानों के बाहर मुस्तैदी से नजर आएंगे। इसके लिए पुलिस अधीक्षक ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा शाम के समय भीड़-भाड़ वाले स्थानाें और सार्वजनिक स्थलों पर भी तैनाती रहेगी। सुबह के समय पार्कों के बाहर राइडर और पीसीआर की तैनात की गई है। इसके बाद बैंक, शिक्षण संस्थान और बाजार में तैनात होगी। पुलिस अधीक्षक राजेश दुग्गल ने निर्देश दिए हैं कि घटना की सूचना मिलते ही राइडर और पीसीआर तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस मुख्यालय को मामले से अवगत कराए। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिले में मौजूदा समय में 45 राइडर और 18 पीसीआर हैं। इनके प्वांइट निर्धारित हैं। इसके अलावा महिला पीसीआर और राइडर की अलग से तैनात की गई है। महिला पीसीआर व राइडर की तैनाती के बाद से ही शिक्षण संस्थानों और अन्य स्थानों पर छेड़छाड़ की घटनाओं पर पूरी तरह से काबू पाया गया है।

Oct 13, 2013

रतनगढ़ देवी मंदिर में भगदड़, लाशों का लगा ढेर 90 died

मध्य प्रदेश के दतिया के रतनगढ़ देवी मंदिर में दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करने का सपना लेकर निकले उन लोगों को जरा भी अंदाज नहीं था कि अब वे जीवित घर नहीं लौटेंगे।

नवमी के मौके पर हुई भगदड़ में पुलिस ने भले ही अब तक 90 लोगों के मरने की पुष्टि की है लेकिन यह संख्या 200 तक चली जाए तो कोई आश्चर्य नहीं।

घबराहट और भगदड़ में सिंध नदी में गिरे लोगों के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। चश्मदीद का कहना है कि नदी में गिरने वालों की बड़ी तादाद हो सकती है।

सरकार ने अभी तो वर्ष 2006 के भयानक हादसे की न्यायिक जांच पर भी कार्रवाई नहीं की थी कि यह एक और भयानक हादसा हो गया है। जिसमें महिलाएं, बच्चे और बूढ़े सबसे ज्यादा शिकार बने।

सिंध नदी के पुल गिरने की अफवाह से मची यह भगदड़ पुलिस प्रशासन की भारी विफलता का नमूना है। नदी में गिरकर मलने वालों का अब तक कोई पता नहीं लगाया जा सका है। मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री और दतिया के प्रभारी सत्यदेव कटारे ने आरोप लगाया है कि एक भाजपा नेता की गाड़ी के लिए रास्ता खाली कराया जा रहा था और पुलिस पैसे लेकर गाड़ियों को अंदर जाने दे रही थी। उससे अफरा-तफरी मची और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भगदड़ हुई।
सरकार ने क्या किया
डीआईजी पुलिस ने अब तक 90 लोगों के मरने की पुष्टि की है। मृतकों की सूची तैयार करके लाशें विसरा के लिए भेज दी गई हैं। ग्वालियर से 50 मेडिकल विशेषज्ञों की टीम दतिया पहुंच गई है। घायलों को भी ग्वालियर के ट्रामा सेंटर ले जाया जा रहा है।

चुनाव आयोग की अनुमति के बाद सरकार ने मृतकों के परिवार को डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया पहुंच गए हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रोटोकाल अधिकारी ने पुष्टि की है कि अब तक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कोई तब्दीली नहीं है। फिर भी वह सोमवार को दतिया जा सकते हैं। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम के अनुसार दशहरे पर शस्त्रपूजा करनी है।

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती सोमवार को दतिया पहुंच रही हैं। 
सिंधिया ने स्थगित किए कार्यक्रम
केंद्रीय मंत्री व कांग्रेस के कैंपेनर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने सोमवार के दशहरे के सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वह सोमवार को दतिया पहुंचेंगे।

सत्यदेव कटारे ने बताया कि वह स्वयं दतिया जा रहे हैं। कटारे ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता की गाड़ी को निकालने के लिए पुलिस बलप्रयोग कर रही थी।

कटारे ने कहा, 'वर्ष 2006 में भी यहां भगदड़ की घटना हुई थी, जिसकी न्यायिक जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन इस सरकार ने उसकी सुझावों और सजा देने की सिफारिशों को कैबिनेट की बैठक तक में नहीं रखा।'

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सिंध नदी पर बना पुल टूटने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। लोग पुल के दोनों तरफ बेतहाशा भागने लगे।

घबराहट में लोगों ने एक दूसरे को कुचलना शुरू कर दिया। कुछ मिनटों में ही वहां लाशों के ढेर नजर आने लगे थे। उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो गए। 

 
घटना के बाद जाम में करीब 40-50 हजार लोग फंस गए थे। नाराज श्रद्धालुओं ने पुलिस पर पथराव कर दिया व एस़डीओ पुलिस की पिटाई भी कर दी। वहां तनाव फैल गया था। यह भगदड़ पुलिस लाठीचार्ज होने के बाद मची।

सरकार ने डेढ़-डेढ़ लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है जिसे चुनाव आयोग ने मंजूरी दे दी है। कांग्रेस ने मुआवजे की राशि 5-5 लाख रुपए करने की मांग की है।

चुनाव आयोग ने यह शर्त लगाई है कि सहायता का श्रेय कोई भी नेता या दल नहीं लेगा। मुआवजे का वितरण संभागीय आयुक्त करेंगे। राज्यपाल ने भी हरसंभव मदद वहां पहुंचाने के आदेश दिए हैं।

रतनगढ़ मंदिर में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान के भी दर्शनार्थी आते हैं। यह मंदिर मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश सीमा के काफी करीब है। जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

 

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मध्य प्रदेश के दतिया जिले के रतनगढ़ में माता मंदिर में मची भगदड़ पर दुख जताया है। 

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने प्रशासन को पीड़ितों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने को कहा है। साथ ही उन्होंने मरने वालों के परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्दी ठीक होने की कामना की। 

प्रधानमंत्री ने भी अपने संदेश में कहा, ‘हमारे दिल और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।’ जबकि कांग्रेस अध्यक्ष के हवाले से जारी बयान में कहा कि हादसे के बाद से सोनिया गांधी सदमे और गहरे दुख में हैं। 

उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि घायलों को उचित इलाज मिलेगा। 

शादी की सजा, लड़की को निर्वस्त्र कर सिर मूंड़ा 

महाराष्ट्र में ठाणे जिले में दिल को झकझोर देने वाली एक घटना हुई है। यहां दूसरी जाति के लड़के से शादी करने पर एक 19 वर्षीय आदिवासी लड़की को उसके ससुरालियों ने कथित तौर पर निर्वस्त्र कर दिया और उसका सिर मूंड़ दिया। 

जिले के शाहपुर तालुका के पढगा पुलिस थाने में शनिवार को दर्ज कराई अपनी शिकायत में पीड़ित लड़की ने कहा कि उसके ससुरालवालों ने उसे बुरी तरह पीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए, इसके बाद उसका सिर मूंड़ दिया। 

पीड़िता ने कहा कि ससुरालवाले नहीं चाहते थे कि उनका बेटा योगेश उस लड़की से शादी करे। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित लड़की ने अपनी शिकायत में बताया कि जिले के भिवंडी शहर के एक गोदाम में काम करने के दौरान योगेश से उसकी जान पहचान हुई थी। 

परिवार के विरोध के बावजूद पीड़िता और लड़के ने इस साल मई में शादी कर ली थी। शादी के बाद दोनों भिवंडी तालुका में दाभाडे के पाली गांव में लड़की के माता-पिता के घर में ही रहने लगे थे। 

30 अगस्त को जब युगल लड़की के घर लौट रहा था तो योगेश के परिजन जबरदस्ती उसे भिवंडी के मैदे गांव स्थित अपने घर ले गए। 

पुलिस के मुताबिक, घर के दरवाजे पर दोनों को बांध दिया गया और लड़की को निर्वस्त्र कर उसके सिर को मूंड़ दिया गया। 

बाद में गांव के सरपंच ने लड़की को वहां से आजाद कराया और दोनों को पढगा पुलिस स्टेशन ले गए, जहां इस बात का फैसला किया गया कि दोनों अब अलग-अलग रहेंगे। 

इसके बाद शनिवार रात पीड़ित लड़की ने योगेश के घरवालों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। हालांकि अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

'ऐसा तूफान जिन्दगी में कभी नहीं देखा'

शनिवार रात, करीब नौ बजे जब फैलिन तूफ़ान ओडिशा तट से टकराया तो बीबीसी के संवाददाता और उनकी सहायक टीमें वहां पहुंच चुकी थीं।

तूफ़ान सबसे पहले गोपालपुर पहुंचा था और उससे क़रीब 15 किलोमीटर दूर बेरहामपुर में बीबीसी की टीमें तैनात थी।

बिजली गुल हो चुकी थी और संपर्क के और साधन जैसे सैटेलाइट फ़ोन भी पूरी तरह काम नहीं कर रहे थे।

एक तरफ़ तूफ़ान का आवेग और दूसरी ओर अंधेरे से बढ़ता ख़तरा, बचने के लिए सबको वापस अपने होटल की ओर भागना पड़ा।

उसी दौरान दिल्ली ऑफ़िस को तूफान के आने की सूचना देने के लिए जब सलमान रावी ने फोन किया तो आवाज़ में बहुत घबराहट थी, वो बोले, “ऐसा तूफ़ान मैंने अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं देखा है, ये आवाज़ दिलो-दिमाग पर कई सालों तक बरक़रार रहेगी।”

सलमान ने बताया कि उनके होटल में पानी भर रहा था और खिड़कियां टूट गईं थीं।

उन्होंने कहा कि बिजली गुल होने की वजह से कुछ दिखाई नहीं दे रहा पर चीज़ों के टूटने और गिरने की आवाज़ें चारों तरफ़ से आ रही थी।

टूटते सिग्नल के साथ होती उस छोटी सी बातचीत के दौरान तेज़ हवाओं और बारिश की आवाज़ सुनाई पड़ रही थी।

आखिर सलमान रावी ने कहा अब उन्हें होटल के अंदर जाना ही होगा क्योंकि बाहर रहना ख़तरे से ख़ाली नहीं।

वहीं संजय मजूमदार ने अपने आसपास के घटनाक्रम की जानकारी देने के लिए सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर का इस्तेमाल किया।

भुवनेश्वर के हवाई अड्डे पर उतरने के बाद संजय ने ट्वीट कर बताया, “कुछ बेहद डरावने पल...तेज़ हवाओं की वजह से तीन कोशिशों के बाद ही विमान लैंड कर पाया।”

संजय के मुताबिक इसके बाद भुवनेश्वर हवाई अड्डा बंद कर दिया गया।

हवाई अड्डे से बाहर निकले तो एक ट्वीट में लिखा कि सभी दुकानें बंद हैं, बिल्डिंगों पर ताला है और सड़कों पर सन्नाटा है।

कुछ ही घंटों में जब पाइलिन तूफ़ान गोपालपुर से टकराया, तो तेज़ हवाओं और बारिश की जानकारी के साथ-साथ संजय ने लिखा, “पाइलिन अपने पूरे आवेग में हमारे सर पर है, बाहर के शोर का आक्रोश दिलो-दिमाग पर छा गया है।”

बीबीसी की तीसरी टीम के साथ ऐन्ड्रयू नॉर्थ ओडीशा के तट पर तब पहुंचे जब फैलिन तूफ़ान बहुत करीब आ गया था।

एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि उनका विमान ‘फ्रिस्बी’ की तरह झूल रहा था और जब आखिरकार सुरक्षित लैंड किया तो लोगों ने पायलट के लिए तालियां बजाईं।

उसके बाद तूफ़ान का आंखोदेखा हाल उन्होंने कुछ ऐसे बयान किया, “जब हम पहुंचे तो भारी तबाही का मंज़र सामने था, शहर अंधेरे में डूबा था, हमारी गाड़ी की हेडलाइट की रौशनी कभी गिरे हुए पेड़ों पर पड़ती तो कभी बंद हो गईं सड़कों पर।”

उन्होंने बताया कि तेज़ हवाओं में दुकानों के बोर्ड समेत बहुत सारा सामान तूफ़ान के वेग से चारों तरफ हवा में उड़ने लगा था।

दुर्गा पूजा और दशहरे की तैयारी में की गई सजावट भी चारों ओर बिखरी पड़ी थी।

ऐन्ड्र्यू ने बताया, “हमारे होटल की लॉबी पर काँच ही काँच बिखरा है, खिड़कियां टूट गई हैं और तूफ़ान उफान पर है, ये एक बहुत भयानक रात लग रही है।”

इंफेक्‍शन हुआ तो एक पैर काटा, बीमारी दूजे पैर में लगी

कोई शख्‍स लकड़ी काटने वाली आरी से अपना पैर कैसे काट सकता है...सुनकर भरोसा कर पाना मुश्‍कि‍ल है लेकि‍न ये सच है।

इस शख्‍स ने लकड़ी काटने वाली आरी से खुद ही अपना पैर काट डाला। पहले तो उसे लगा कि फल काटने वाले चाकू से ही पैर कट जाएगा, लेकि‍न जब बात नहीं बनी तो उसने आरी उठा ली।

आपने आज तक नहीं देखी होगी सांपों की ऐसी जुगलबंदी

डेली मेल की खबर के अनुसार, अगर आप सोच रहे हैं कि ये शख्‍स पागल होगा, तो आपको बता दें कि झेंग यानलि‍यांग दिमागी रूप से बि‍ल्‍कुल ठीक हैं। लेकि‍न अस्‍पताल के महंगे बि‍ल भरने के लि‍ए उनके पास पैसे नहीं थे।

इसलि‍ए उन्‍होंने खुद ही अपना संक्रमि‍त पैर काट कर फेंक दि‍या। चीन के बोडिंग शहर में रहने वाले 47 साल के झेंग को पेट से होते हुए पैरों में तेज दर्द होता था।

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उन्‍होंने जांच कराई तो पता चला कि ये तकलीफ दोनों पैरो में ही है। एक दि‍न जब दर्द हद से ज्‍यादा बढ़ गया तो उन्‍होंने आरी और चाकू से अपना पैर काट डाला। ऐसा करने की केवल एक वजह ये थी कि वो अस्‍पताल का खर्च नहीं उठा सकते थे।

जब झेंग ने जांच कराई थी तभी डॉक्‍टर ने उन्‍हें बता दि‍या था कि उन्‍हें एक दुर्लभ बीमारी है। जि‍सकी वजह से उनके दांएं पैर की धमनि‍यां गायब हो गई है और उनकी मौत भी हो सकती है।

झेंग को दर्द इस कदर होता था कि उनके चि‍ल्‍लाने की आवाज से पड़ोसी भी रात को जग जाते थे। फि‍र एक रात जब झेंग की बीवी की आंख्‍ा लग गई तो उसने फल काटने वाले चाकू से अपनी खाल उतारनी शुरू की और खुद को बांध लि‍या।

उसके बाद आरी से हड्डी को काटना शुरू कि‍या, लेकि‍न आरी बीच में से ही टूट गई। उसके बाद उन्‍हें अपनी बीवी को नींद से जगाना पड़ा।

कुछ ही देर बाद उनका दायां पैर कूल्‍हे के थोड़ी दूरी से कट चुका था, जि‍से उन्‍होंने बाद में कूड़ेदान में डाल दि‍या।

लेकि‍न बुरी खबर ये है कि इस बार संक्रमण उनके बाएं पैर में है और डॉक्‍टरों ने साफ कह दि‍या है कि उनके पैर बचा पाना मुमकि‍न नहीं है।

इतना बढ़ गया कद्दू कि कार हो गया... 

अगर आप ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि ये बच्‍चे कि‍स चीज की सवारी कर रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि ये कोई कार नहीं है।

डेली मेल की खबर के अनुसार, ब्रि‍टेन के कि‍सान मार्क बैग्‍स ने ये वि‍शालकाय कद्दू उगाया है, जो देखने में कि‍सी छोटी कार जैसा मालूम पड़ता है। 

बैग्‍स को उम्‍मीद है कि उनका ये अजूबा कद्दू उन्‍हे वर्ल्‍ड रि‍कॉर्ड में भी जगह दि‍ला सकता है। लेकि‍न ये कद्दू यूं ही पैदा नहीं हो गया। बैग्‍स ने छह महीने की कड़ी मेहनत के बाद इसे पैदा किया।

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बैग्‍स को उम्‍मीद है कि उनका ये कद्दू कि‍सी छोटी स्‍मार्टकार जैसा ही है, जो लंदन के अब तक के सबसे बड़े कद्दू होने का रि‍कॉर्ड बना सकता है।

कद्दू के वजन का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसे हि‍लाने-डुलाने के लि‍ए छोटे ट्रक की जरूरत पड़ती है।

आपने आज तक नहीं देखी होगी सांपों की ऐसी जुगलबंदी

बैग्‍स बताते हैं कि इस कद्दू के इतना वजनी होने के पीछे जो सबसे खास वजह है। वो ये कि इसे जैव बीजों से उगाया गया है। 

वैसे बैग्‍स के लि‍ए ये कोई नई बात नहीं है। वो साल 2005 से ही इस तरह की चीजें उगा रहे हैं।

'एयरहोस्टेस' को बनाता रहा हवस का शिकार 

एक पूर्व एयरहोस्टेस एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही थी। शादी का वादा कर चार्टर्ड अकाउंटेंट ने उससे यह रिश्ता बनाया था। लेकिन युवती को जब उसकी हकीकत पता चली तो उसके होश उड़ गए। 

26 वर्षीय युवती ने उसके खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया।

लखनऊ की रहने वाली युवती ने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव बग्गा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि वह पालम विहार में उसके फ्लैट में 2008 से किरायेदार है। लिव इन रिलेशनशिप के तहत वह उसके साथ रहता था। 

बाद में पता चला कि उसने दो शादियां पहले से कर रखी हैं। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर राजीव को गिरफ्तार कर लिया। 

शनिवार को पालम विहार थाना पुलिस ने सिविल अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल चेकअप कराया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने जोगिंदर सिंह की अदालत में भी उसका बयान दर्ज कराया।

Oct 12, 2013

चुनाव नहीं लड़ पाएंगे राष्ट्रवादी' नरेंद्र मोदी!

भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने बयान दिया था कि वह 'हिंदू राष्ट्रवादी' हैं। इस टिप्पणी पर काफी विवाद पैदा हो गया था।

लेकिन जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय का कहना है कि जो भी व्यक्ति किसी तरह के धार्मिक राष्ट्रवाद से जुड़े होने का दावा करता है, उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगा देनी चाहिए।

न्यायमूर्ति मुजफ्फर हुसैन अतर ने कहा, "हमारी संवैधानिक व्यवस्‍था के मुताबिक भारतीय, केवल भारतीय होता है। कोई भी व्यक्ति हिंदू राष्ट्रवादी, मुस्लिम राष्ट्रवादी, सिख राष्ट्रवादी, बौद्ध राष्ट्रवादी या ईसाई राष्ट्रवादी नहीं हो सकता।"

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश दिए हैं कि धार्मिक राष्ट्रवाद फैलाकर चुनाव में जनता का जनादेश हासिल करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

ताकि देश के संविधान को आघात पहुंचाने से बचाया जा सके। अदालत ने कहा कि हमारे संवैधानिक दर्शन में एक ही ‘वाद’ है और वह है ‘भारतीयता वाद।’ अन्य सभी वाद भारतीयता वाद के दुश्मन हैं।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की मांग को लेकर कश्मीरी पंडितों की ओर से दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस अतर ने कहा कि भारत का संविधान हमें धर्म और आस्था जैसे दावे के अधिकार की गारंटी देता है।

उन्होंने कहा कि इसलिए भारत के संविधान की प्रस्तावना की अभिव्यक्ति में ‘धर्मनिरपेक्षता’ लाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

जस्टिस ने कहा, "यह अभिव्यक्ति देश की आबादी के एक बड़े वर्ग की तीखी प्रतिक्रिया के रूप में उभरती है और देश के लोगों को अलग-अलग वाद में बांटती है। हमारा राष्ट्र हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई या बौद्ध भारत नहीं है। लाखों लोगों के संघर्ष और कुर्बानियों से भारत देश पैदा हुआ है।"

अदालत ने केंद्र सरकार और संवैधानिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश के संविधान को ठेस पहुंचाने का प्रयास करने वाले किसी भी शख्स को न सिर्फ रोका जाए, बल्कि उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए।

15 साल की पोती से रेप करने वाले दादा को उम्रकैद

पश्चिम बंगाल में एक शख्स को अपनी सौतेली पोती से एक साल तक दुष्कर्म करने के आरोप में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

दार्जिलिंग जिले में सिंगमारी निवासी दोषी मोहन थापा पर 50 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है, जिसे न देने पर दो वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दार्जिलिंग की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को यह फैसला सुनाया।

50 वर्षीय मोहन थापा साल 2010 से 2011 तक अपनी 15 वर्षीय सौतेली पोती से रेप करता रहा और वह गर्भवती भी हो गई। बात यहां तक पहुंच गई कि लड़की का गर्भपात भी नहीं कराया जा सका।

गर्भवती हुई तो खुली बात
किशोरी के माता-पिता अलग हो गए थे और इस कारण वह अपने दादा के साथ रहती थी। दादी की गैरमौजूदगी में आरोपी दादा किशोरी को अपने साथ सोने के लिए मजबूर करता था और दुष्कर्म करता था। एक साल तक यह सिलसिला चलता रहा।

लेकिन घटना तब सामने आई जब पीड़िता में आए शारीरिक बदलाव देखकर उसकी स्कूल टीचर ने उससे इस बारे में बात की। तब पीड़ित ने सारी बात शिक्षिका को बताई।

जब चिकित्सकीय जांच की गई तो लड़की को गर्भवती पाया गया। लड़की ने जून 2012 में एक बच्ची को जन्म भी दिया है। पीड़िता इस समय कलिम्पोंग में मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे स्कूल में पढ़ रही है।

Oct 11, 2013

बाइक और चेन झपटने वाले दो पकड़े 

रोहतक। अपराध जांच शाखा की विशेष टीम ने शहर में चेन तोड़ने की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के दोनों सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से काफी सामान बरामद किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिल व छह सोने की चेन बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एसपी राजेश दुग्गल ने बताया कि अपराध जांच शाखा के प्रभारी संदीप धनखड़ के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की थी। टीम ने गांव हरबल गढ़ी निवासी वीर सिंह उर्फ टींकू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वीर सिंह ने बताया कि वह अपने साथी रामनगर बस्ती निवासी संदीप उर्फ छोटन के साथ शहर में चेन तोड़ने व मोटरसाइकिल चोरी करने की वारदातों को अंजाम देते थे। देर रात पुलिस ने संदीप को भी सिविल लाइन क्षेत्र से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

यह कैसी सेना? आपस में भिड़े जवान और अफसर 

सैनिकों के बीच आपसी झगड़े की खबर कम ही सामने आती हैं, लेकिन सैन्य इकाई में सैनिकों और अधिकारियों के बीच झड़प की एक और घटना से पर्दा उठा है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 10 सिख लाइट इनफैंट्री बटालियन में बीती रात लड़ाई हो गई, जिसमें तीन लोग जख्मी हुए। इनमें से एक लेफ्टिनेंट कर्नल है, जो सेकेंड इन कमांड था।

अभी तक यह साफ नहीं हुआ कि लड़ाई की वजह क्या थी और यह कितनी बड़ी थी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि झगड़ा कल हुआ और कई लोगों को इलाज की जरूरत पड़ी। इनमें से कुछ अस्पताल में भी भर्ती कराए गए हैं।

हालिया वर्षों में इस तरह की यह चौथी घटना है। पिछले दो साल में दो आर्टिलरी इकाई औरा दो आर्मर्ड यूनिट में इसी तरह क झगड़ा हो चुका है।

हालांकि, यह पहली बार है कि किसी इनफैंट्री यूनिट में जवानों और अधिकारियों के बीच इस तरह का लड़ाई-झगड़ा हुआ हो।

सैन्य सूत्रों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे जुड़ा बयान जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। सेना ने इस मामले के आदेश भी दिए हैं।

Oct 10, 2013

PM नहीं, यूपी का CM बनना चाहते हैं राहुल गांधी 

आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के भाषणों में हर दिन गुजरने के साथ-साथ तल्‍खी आ रही है। और कांग्रेसी यह देख-सुनकर गदगद हैं।

भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के सामने कांग्रेस पार्टी की सारी उम्मीदें अपने युवराज राहुल से लगी हैं। साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता इशारा कर चुके हैं कि राहुल को ही अगला पीएम बनना चाहिए।

लेकिन अगर यह कहा जाए कि एक वक्‍त था जब वह पीएम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का सीएम बनना चाहते थे, तो आप क्या कहेंगे?

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक रशीद किदवई की किताब '24 अकरब रोड' के नए संस्करण में जोड़े गए अध्याय में यह खुलासा है कि कांग्रेस जिसे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहती है, वही राहुल गांधी एक बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनना चाहते थे।

इस किताब में यह है कि सोनिया गांधी 2016 में सक्रिय राजनीति से रिटायर होना चाहती हैं और राहुल के पार्टी की कमान संभालने के‌ लिए हामी भरने की यह एक बड़ी वजह थी।

किदवई के मुताबिक कांग्रेसियों ने राहुल की यह पेशकश सिरे से खारिज कर दी थी। दरअसल, पार्टी के कुछ नेताओं का मानना था कि दिल्ली में उनकी सियासी ताकत का रास्ता लखनऊ से होकर जाता है, लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव उनके लिए बड़ा झटका साबित हुए।

राहुल इन चुनावों से पहले और दौरान कई बार कह चुके थे उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है और वह उसकी नुमाइंदगी करने के लिए तैयार हैं।

नए अध्याय में बताया गया है कि उन्होंने नवंबर, 2011 में फूलपुर रैली के दौरान कहा था, "जब मैं उत्तर प्रदेश में इस तरह का अन्याय देखता हूं, तो सोचता हूं कि क्यों न लखनऊ आकर रहूं और आपकी लड़ाई लड़ूं।"

इसमें कहा गया है, "राहुल के करीबी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश चुनावों के दौरान मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनने के बारे में संजीदगी से विचार किया था। लेकिन कांग्रेस कमेटी ने इस विचार को सिरे से दरकिनार कर दिया।"

उस वक्‍त राहुल को उत्तर प्रदेश में क्यों कोई पद नहीं लेना चाहिए, सहयोगियों ने इसके दो कारण बताए थे। पहला, शासन करने के‌ लिहाज से उत्तर प्रदेश काफी मुश्किल राज्य है। दूसरा, राहुल खुद को किसी एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं रख सकते।

दलील यह थी कि राहुल अगर उत्तर प्रदेश को अपनी पहचान बनाते हैं और किसी वजह से मतदाता उन्हें खारिज करते हैं, तो इससे दिल्ली में उनकी अगुवाई में सरकार बनाने का कांग्रेस का ख्वाब जाता रहेगा।

और ऐसा हुआ भी। ‌विधानसभा चुनावों में कांग्रेस केवल 28 सीटों पर सिमटकर चौथे पायदान पर आ गई। अगर राहुल को सीएम पद का दावेदार बनाया जाता है, तो यह उनकी छवि के लिए तगड़ा झटका होता।